Relations & Life Journey | Starbanquet

Relations & Life Journey

Posted by Rahul Minhas on October 5, 2018 at 4:58 am filled under Uncategorized Category

“दिल के टुकडे टुकडे करके
मुस्कुराकर चल दिये”

आज समझ नहीं आ रहा कि क्या कहूँ, कहाँ से शुरुआत करूँ, यादों के कुछ पल, ऐसे होते हैं, जो हिचकोले खिलाते हुये, फिर से वापिस उसी भंवर की और ले जाने को तैयार रहते हैं, जिसको बरसों पहले, कहीं दूर छोड आया था, उस रास्ते पर जाने का बिलकुल भी मन नहीं करता अब,

कुछ पल मीठी याद बन कर, ही रह जाये, वही अच्छा है, दिल लगाने को, इतना भी काफी है, जब अपने साथ होते हैं, तो शिकायतों और अपेक्षाओ में समय बीत जाता है, और जब वो दूर चले जाते हैं, तो पल पल दिल से दर्द रिसना शुरु हो जाता है, धीरे धीरे पता भी नहीं चलता कि, कब मायूसी में डूबकर दिल, खून से पूरा खाली हो गया,

नसीब साथ दे तो, खोया हुआ रूपया पैसा कई बार जीवन में किसी विशेष अवसर के रूप में, वापिस भी आ जाता है, अगली पिछली कमियाँ ढक देता है, पर “वक्त” बडा बेरहम है, जो एक बार बीत गया तो, लौट कर कभी वापिस नहीं आता, लेकिन क्या करें, हम भी आदत से मजबूर हैं, बच्चों की तरह आज भी इसे, सीने से लगाये बैठे हैं, और बार बार पकडने की ही कोशिश करते रहते है,

हर रिश्ता, हर सम्बन्ध, ऐक नायाब तोहफा है, बेशकीमती रत्न है, ध्यान न देने पर बेशक, मामूली पत्थर मालूम होता हैं, लेकिन इनके सामने, हर उपलब्धि, हर मुकाम, मिट्टी के ढेर से ज्यादा हैसियत नहीं रखता,

क्योंकि जब देखकर खुश होने वाला ही कोई न होगा तो इतना सब कुछ, किसके लिये करेंगे !

आपको मेरा प्यार भरा नमस्कार 🌼🌸🙏🏻

राहुल मिन्हास
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