Journey with Life Partner | Starbanquet

Journey with Life Partner

Posted by Rahul Minhas on October 3, 2018 at 10:24 am filled under Uncategorized Category

“ऐसा क्यूँ होता है बार बार
क्या इसको ही कहते हैं प्यार”

रब ने हर एक के लिये, किसी न किसी को तो जरूर बनाया है, लेकिन वो शख्स कहाँ मिलेगा यह कोई नहीं जानता, जात बिरादरी, ग्रह नक्षत्र, अपनी जगह सब ठीक है, मगर पहले दिल मिलने जरूरी है, स्वाभाव मिलना जरूरी है. आचार विचार मिलने जरूरी हैं,

ये अगर मिल जायेंगे, तो राहें खुद ब खुद आसान लगने लगेंगी और जिन्दगी खूबसूरत सपने की तरह बडे आराम से कट जायेगी ।

रब को तो कभी किसी ने देखा नहीं, लेकिन ये जरूर लगता है कि जिस दिन पूरी शिद्दत से पुकारने लगेंगे, उसके सिवा, जब कुछ और चाह न बचेगी, निश्छल प्रेम के साथ, आँखों में, दिल में, ख्वाब में, दिन में, रात में, सुबह और शाम दिल की गहराईयों में, जब एक ही तडप रहेगी, तब उसके पास, मिलन के सिवा कोई और विकल्प भी न बचेगा, मीराँ बाई की तरह चाह कर तो देखें, न मिलने का तो स्वाल ही नहीं उठता ।

दिल, दिमाग जब एक ही रास्ते पर चलनें लगेंगे, चाहतें जब रोज का सफर बन जायेंगी, तब कोई भी मुकाम, कोई भी मँजिल, ख्वाब न रहेगी, उसे तो हकीकत बनकर, जीवन में उतरना ही होगा, कोई ताकत कोई मुश्किल, फिर उसे कभी रोक न पायेगी ।

क्येंकि दो नाव पर चलकर, आज तक कोई अपनी मँजिल नहीं पा सका ।

आप सब को मेरा प्यार भरा नमस्कार 🙏🏻

राहुल मिन्हास