Hapiness in Life | Starbanquet

Hapiness in Life

Posted by Rahul Minhas on October 15, 2018 at 3:23 pm filled under Uncategorized Category

💎 एक राजा का जन्म दिन था । सुबह जब वह घूमने निकला तो उसने तय किया कि वह रास्ते में मिलने वाले सबसे पहले व्यक्ति को आज पूरी तरह से खुश व सन्तुष्ट करेगा ।

💎 उसे एक भिखारी मिला । भिखारी ने राजा सें भीख मांगी तो राजा ने भिखारी की तरफ एक तांबे का सिक्का उछाल दिया, सिक्का भिखारी के हाथ सें छूट कर नाली में जा गिरा, भिखारी नाली में हाथ डालकर तांबे का सिक्का ढूंढने लगा ।

💎 राजा ने उसे बुलाकर दूसरा तांबे का सिक्का दे दिया । भिखारी ने खुश होकर वह सिक्का अपनी जेब में रख लिया और वापिस जाकर नाली में गिरा सिक्का ढूंढने लगा ।

💎 राजा को लगा कि भिखारी बहुत गरीब है , उसने भिखारी को फिर बुलाया और चांदी का एक सिक्का दिया, भिखारी ने राजा की जय-जयकार करते हुये चांदी का सिक्का रख लिया और फिर नाली में तांबे वाला सिक्का ढूंढने लगा ।

💎 राजा ने उसे फिर बुलाया और अब भिखारी को एक सोने का सिक्का दिया, भिखारी खुशी से झूम उठा और वापिस भागकर अपना हाथ नाली की तरफ बढाने लगा ।

💎 राजा को बहुत बुरा लगा । उसे खुद से तय की गयी बात याद आ गयी कि “पहले मिलने वाले व्यक्ति को आज खुश एवं सन्तुष्ट करना है, “उसने भिखारी को फिर से बुलाया और कहा कि मैं तुम्हें अपना आधा राज-पाट देता हूँ, अब तो खुश व सन्तुष्ट हो जाओ ।

💎 भिखारी बोला – “सरकार ! मैं तो खुश और संतुष्ट तभी हो सकूँगा, जब नाली में गिरा हुआ तांबे का सिक्का भी मुझे मिल जायेगा ।

💎 हमारा हाल भी कुछ कुछ ऐसा ही हो गया है, परमात्मा ने हमें मानव शरीर रुपी बेहद अनमोल खजाना दिया है जिसमें स्वयं के स्वरूप को जानने की और उस विराट परमब्रह्म में विलय होने की अनन्त संभावनायें हैं ।

💎 लेकिन हम उसे भूलकर संसार रुपी नाली में तांबे के सिक्के निकालने के लिए जीवन गंवाते जा रहे हैं, इस अनमोल मानव जीवन का अगर सही इस्तेमाल हो जाये तो, हमारा जीवन धन्य हो जायेगा 🌼🌸

नमस्कार 🌼🌸🙏🏻